जनपद बहराइच के जरवलरोड रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म संख्या एक को ऊँचा किए जाने का कार्य आज से शुरू हो गया है। हालांकि निर्माण कार्य की अव्यवस्थित प्रक्रिया यात्रियों के लिए गंभीर असुविधा और खतरे का कारण बन गई है।
प्लेटफार्म नंबर एक के लाइन किनारे जेसीबी मशीन से की जा रही खुदाई के चलते जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। प्लेटफार्म की सतह ऊबड़-खाबड़ हो जाने से ट्रेनों में चढ़ने और उतरने के दौरान यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चों के लिए यह स्थिति अत्यंत जोखिमपूर्ण बनी हुई है। दिन और रात दोनों समय यात्रियों को असुरक्षित हालात में सफर करना पड़ रहा है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि निर्माण कार्य के दौरान रेलवे प्रशासन की ओर से यात्रियों की सुरक्षा के लिए कोई समुचित वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। प्लेटफार्म पर न तो चेतावनी संकेतक लगाए गए हैं और न ही बैरिकेडिंग की गई है। अस्थायी सीढ़ियों या सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था का भी अभाव है। ऐसे में किसी भी समय दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
यात्रियों का कहना है कि बिना पूर्व सूचना के की गई खुदाई से स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। उनका आरोप है कि यदि समय रहते उचित प्रबंध नहीं किए गए तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य के दौरान अस्थायी वैकल्पिक प्लेटफार्म या सुरक्षित मार्ग की तत्काल व्यवस्था की जाए।
इस संबंध में स्टेशन अधीक्षक शिवपाल ने बताया कि प्लेटफार्म संख्या एक के लाइन किनारे बिना पूर्व सूचना के जेसीबी से खुदाई कर दी गई, जिससे बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि यात्रियों को ट्रेनों में चढ़ने-उतरने में काफी परेशानी हो रही है। स्टेशन अधीक्षक के अनुसार इस मामले से उच्च अधिकारियों एवं कंट्रोलर को अवगत करा दिया गया है। वहीं, ठेकेदार द्वारा बिना सूचना के कार्य शुरू किए जाने को लेकर स्टेशन कर्मचारियों में भी रोष व्याप्त है।
फिलहाल यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखना यह है कि रेलवे प्रशासन स्थिति को कितनी जल्दी नियंत्रित करता है और यात्रियों को राहत दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।