बहराइच पुलिस की बड़ी कार्रवाई: गैंगस्टर एक्ट में वांछित तीन आरोपी गिरफ्तार
बहराइच। अपराध एवं अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बहराइच पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में वांछित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई थाना दरगाह शरीफ क्षेत्र में की गई।
पुलिस के मुताबिक, पुलिस अधीक्षक बहराइच श्री विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) श्री आयुष विक्रम सिंह एवं क्षेत्राधिकारी नगर श्री नारायण दत्त मिश्रा के पर्यवेक्षण में थाना दरगाह शरीफ पुलिस टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
गैंग चार्ट में दर्ज था मुकदमा
पुलिस के अनुसार जिलाधिकारी बहराइच द्वारा अनुमोदित गैंग चार्ट के आधार पर थाना दरगाह शरीफ में मु0अ0सं0 395/2026, धारा 3(1) उत्तर प्रदेश गैंगस्टर अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस का कहना है कि अभियुक्तगण पर संगठित रूप से आर्थिक, भौतिक एवं अन्य लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से कमजोर एवं असहाय महिलाओं को कथित रूप से प्रलोभन देकर गंभीर अपराध कारित किए जाने के आरोप हैं। पुलिस के अनुसार इन गतिविधियों से क्षेत्र में भय एवं आक्रोश का वातावरण उत्पन्न होने तथा लोक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका के चलते आरोपियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की गई।
तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के मामले में वांछित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है—
1. पप्पू पुत्र दोस्त मोहम्मद, निवासी नाजिरपुरा, थाना कोतवाली नगर, जनपद बहराइच।
2. मो0 हनीफ पुत्र कलाम अहमद, निवासी नाजिरपुरा, निकट पप्पू इलेक्ट्रिक, थाना कोतवाली नगर, जनपद बहराइच।
3. मो0 इमरान अली पुत्र बद्री मियां, निवासी ग्राम पतिलार, थाना चौतरवा, जिला बेतिया, बिहार; वर्तमान पता सज्जन के मकान में त्रिमुहानी रोड पर एक्सेल स्टोरिंग रिपेयरिंग की दुकान, थाना कोतवाली देहात, जनपद बहराइच।
पूर्व में भी दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार तीनों आरोपियों के विरुद्ध पूर्व में भी मुकदमे दर्ज हैं। गैंग लीडर पप्पू पुत्र दोस्त मोहम्मद के खिलाफ थाना दरगाह शरीफ में मु0अ0सं0 384/2025, धारा 70(1) भारतीय न्याय संहिता तथा मु0अ0सं0 395/2026 गैंगस्टर एक्ट का मामला दर्ज है।
इसी तरह मो0 हनीफ पुत्र कलाम अहमद और मो0 इमरान अली पुत्र बद्री मियां के खिलाफ भी उक्त मुकदमों में नाम दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों को नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की प्रक्रिया शुरू की।