संजय सेतु मरम्मत के दौरान पीपे का पुल बनेगा वैकल्पिक रास्ता, 5 करोड़ की लागत से 10 दिन में तैयार होने की संभावना

जरवलरोड, बहराइच।
घाघरा नदी पर स्थित संजय सेतु की मरम्मत के दौरान क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। सेतु के मरम्मत कार्य के समय वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित न हो, इसके लिए घाघरा नदी पर पीपे का पुल (पांटून ब्रिज) बनाए जाने की योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यह पुल मरम्मत अवधि में एक वैकल्पिक मार्ग के रूप में कार्य करेगा।
10 दिन में तैयार होगा पीपे का पुल, अनुमानित लागत 5 करोड़
लोक निर्माण विभाग (PWD) के अवर अभियंता अनंत मौर्य के अनुसार पीपे का पुल तैयार करने में लगभग 10 दिन का समय लग सकता है। इस अस्थायी पुल के निर्माण पर करीब 5 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि तकनीकी तैयारी के साथ-साथ प्रशासनिक स्तर पर भी तेजी से प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
NHAI और PWD के बीच समन्वय जारी
अवर अभियंता ने जानकारी दी कि पीपे के पुल के निर्माण को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और लोक निर्माण विभाग (PWD) के बीच आवश्यक समन्वय और बातचीत चल रही है। सभी तकनीकी, सुरक्षा और प्रशासनिक पहलुओं पर सहमति बनते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
मरम्मत के दौरान संजय सेतु पर यातायात पूरी तरह बंद रहेगा
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संजय सेतु की मरम्मत का कार्य यातायात पूरी तरह बंद किए बिना संभव नहीं है। ऐसे में पीपे का पुल क्षेत्रवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक व्यवस्था साबित होगा। इससे रोजमर्रा के यात्रियों, व्यापारियों, एंबुलेंस, स्कूली वाहनों और मालवाहक गाड़ियों को बड़ी राहत मिलेगी।
पहले भी उपयोग में आ चुका है पीपे का पुल
गौरतलब है कि घाघरा नदी पर पीपे का पुल इस क्षेत्र में पहले भी कई बार बनाया जा चुका है। यह पुल न सिर्फ यातायात की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है, बल्कि स्थानीय लोगों की स्मृतियों और अनुभवों से भी जुड़ा हुआ है। एक बार फिर इसके निर्माण से नदी के दोनों किनारों के बीच संपर्क बना रहेगा।
आमजन और व्यापार पर पड़ेगा सकारात्मक असर
पीपे का पुल बनने से जरवलरोड, बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। इससे बाजार, व्यापार, कृषि उत्पादों की ढुलाई और दैनिक आवागमन प्रभावित नहीं होगा। प्रशासन का मानना है कि यह व्यवस्था क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगी।
समयबद्ध तैयारी का दावा
प्रशासन का दावा है कि सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएंगी, ताकि संजय सेतु की मरम्मत के साथ-साथ यातायात व्यवस्था भी निर्बाध बनी रहे। सुरक्षा मानकों और तकनीकी जांच के बाद ही पुल को आमजन के लिए खोला जाएगा।
कुल मिलाकर, संजय सेतु की मरम्मत के दौरान पीपे का पुल क्षेत्र के लिए राहत भरी खबर है। इससे न सिर्फ यातायात सुचारू रहेगा, बल्कि आम लोगों का दैनिक जीवन भी कम से कम प्रभावित होगा।

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