बहराइच: तेंदुए के हमले में 8 वर्षीय बच्चे की दर्दनाक मौत, इलाके में दहशत


बहराइच: तेंदुए के हमले से मासूम की मौत, इलाके में बढ़ी चिंता
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक दुखद और चिंताजनक घटना सामने आई है। कतर्नियाघाट वन क्षेत्र से सटे एक गांव में तेंदुए के हमले में 8 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। इस घटना के बाद गांव सहित आसपास के इलाकों में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है।

कैसे हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, बच्चा शाम के समय अपने घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान जंगल की ओर से आए तेंदुए ने अचानक उस पर हमला कर दिया। तेंदुआ बच्चे को कुछ दूरी तक घसीट ले गया। बच्चे की चीख सुनकर जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे और शोर मचाया, तब तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया।

अस्पताल में इलाज के दौरान मौत

हमले में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया था। परिजन उसे तुरंत जिला अस्पताल बहराइच लेकर पहुंचे, लेकिन अधिक खून बहने और गहरे जख्मों के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

ग्रामीणों में दहशत

घटना के बाद गांव के लोग काफी डरे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बीते कुछ दिनों से तेंदुए की गतिविधियां देखी जा रही थीं, लेकिन समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए। अब हालात ऐसे हैं कि लोग बच्चों को बाहर भेजने से भी डर रहे हैं।

वन विभाग की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
वन विभाग द्वारा:

• इलाके में निगरानी बढ़ाई गई
• पिंजरे लगाने की तैयारी
• रात में गश्त तेज
• ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील

वन अधिकारियों ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

प्रशासन से मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से:

पीड़ित परिवार को आर्थिक मुआवजा
• गांव के आसपास सुरक्षा इंतजाम
• वन क्षेत्र से सटे इलाकों में स्थायी समाधान की मांग की है।

बढ़ता मानव-वन्यजीव संघर्ष

बहराइच जिले में जंगल से सटे गांवों में मानव और वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगल सिमटने और आबादी बढ़ने के कारण ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिन पर गंभीर नीति और सतर्कता की जरूरत है।

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