मुंबई। केंद्रीय मंत्री नारायण राणे अपने विवादित बयान की वजह से एक बड़ी मुश्किल में फंस गए हैं। मामला उनकी विवादित टिप्पणी से जुड़ा है। दरअसल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को लेकर केंद्रीय मंत्री नारायण राणे ने एक बहुत ही अपमानजनक टिप्पणी कर डाली है, जिसके बाद राजनीति में गहमा गहमी चल रही है और शिवसेना अधिक आक्रामक हो गई है। इसी के साथ ही नासिक में नारायण राणे के खिलाफ़ 500, 505, 153-ब (1) (क) के तहत मामला दर्ज किया है। बात यही पर खत्म नही हुई नासिक पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के आदेश तक दिए दे दिए हैं और इसके लिए बाक़ायदा वारंट भी जारी किया है।
महाराष्ट्र से मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लेकर दिया था बयान
नारायण राणे ने उद्धव ठाकरे पर विवादित बयान दिया था और इसमें उन्होंने कहा था कि अगर वह उस समय वहां होते तो उन्हें (सीएम) एक जोरदार थप्पड़ मार देते, क्योंकि मुख्यमंत्री 15 अगस्त के दिन नागरिकों के लिए अपने संबोधन के दौरान स्वतंत्रता के वर्ष को वो भूल गए थे। उन्होंने अपने बयान में कहा कि, ‘यह शर्मनाक है कि मुख्यमंत्री को स्वतंत्रता का वर्ष नहीं पता। वे अपने भाषण के दौरान स्वतंत्रता के वर्षों की गिनती के बारे में पूछने के लिए पीछे झुक गए। अगर मैं वहां होता, तो मैं उन्हें एक जोरदार थप्पड़ मारता। ’
विवादित बयान को मुद्दा बना कर शिवसेना निशाना साध रही है
जन आशीर्वाद यात्रा के समय जब एक पत्रकार ने नारायण राणे से बातचीत में कहा कि राज्य में कोरोना की तीसरी लहर का खतरा काफी है और बच्चों को इससे बहुत अधिक खतरा है, इसीलिए मुख्यमंत्री ने भीड़ से अपना बचाव करने के लिए कहा है। इस पर नारायण राणे ने नाराजगी जताते हुए कहा, ‘उन्हें (महाराष्ट्र सरकार) नहीं पता कि वह हमें क्या बताएंगे। वे कौन से डॉक्टर हैं? तीसरी लहर की आवाज कहां से आई? और वह यह भी कहते थे कि बच्चे खतरे में हैं और लोगों को डराते हैं। अशुभ मत बोलो।’